बाल ज्ञान निकेतन प्राथमिक विद्यालय शेखपुरी चोहड़ की हुई शिकायत

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बिजनौर मामला चांदपुर तहसील का है जहां पर करोना कॉल की वजह से लगभग सभी प्राथमिक विद्यालय बंद है लेकिन कुछ विद्यालय में मनमर्जी तरीके से विगत कई वर्षों से कार्य कर रहे हैं जिसकी शिकायत जिलाधिकारी महोदय से की गई शिकायतकर्ता ने बताया कि इस विद्यालय को भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के नियमों के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है जिसमें बच्चों के बैठने एवं सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि इस विद्यालय में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं।

विद्यालय भारत सरकार व प्रदेश सरकार के द्वारा स्थापित नियमों के विरुद्ध संचालित किया जा रहा है बच्चों के बैठने की व सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं है l अग्निशमन की व्यवस्था भी नहीं है तथा इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय एवं सरकारी नियमों के अनुसार विद्यालय की बिल्डिंग के चारों तरफ अग्निशमन की गाड़ी का घूमना आवश्यक है l जबकि इस विद्यालय के चारों तरफ अग्निशमन की गाड़ी नहीं घूम सकती है यह कि इस विद्यालय में नर्सरी एलकेजी यूकेजी आदि कक्षा में प्रवेश लिए जाते हैं जो कि अवैध है नियमानुसार नहीं लिए जा सकते हैं l विद्यालय में बच्चों से उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के विरुद्ध जाकर 100 से 200 तक शुल्क लिया जाता है l विद्यालय में प्रतिवर्ष बच्चों को नया कोर्स लेने के लिए बाध्य किया जाता है जिसमें विद्यालय के प्रबंधक कमेटी एवं प्रधानाचार्य कमीशन खाते हैं विद्यालय में जो अध्यापक नियुक्त हैं वह योग्यता के अनुसार एवं मानक के अनुसार नहीं है l शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए निर्धारित होनी चाहिए जो कि विद्यालय में निर्धारित नहीं है कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर भारत सरकार उत्तर प्रदेश सरकार से मिलने वाली छात्रवृत्ति का दुरुपयोग भी प्रबंध कमेटी एवं प्रधानाचार्य के द्वारा किया जा रहा है प्रबंध समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी स्वयं खुद एवं स्वयं के
रिश्तेदार ही हैं जो विद्यालय में नौकरी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं यह एक गंभीर अपराध है सोसायटी एक्ट के तहत प्रबंध समिति की प्रशासन योजना एवं उद्देश्यों में जो लिखा जाता है निशुल्क शिक्षा का प्रचार प्रसार होना होता है जबकि इस मामले में अपना आर्थिक लाभ कमाने के लिए स्कूल ने खोलकर शिक्षा बेची जा रही है जो कि गंभीर अपराध है lऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता ने विद्यालय की जांच सक्षम अधिकारी से जांच करने की गुहार लगाई है । जिससे विद्यालय नियमानुसार संचालित हो सके।

शिकायतकर्ता द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र

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